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Saturday, April 13, 2013



चाहे कहो रामराम या फिर कहो अल्लाह अल्लाह मन की भावनावों का सम्मान होना चाहिए
हो मुसलमान तो अजान गूंजे आसमान वतन परस्ती का मिजान होना चाहिए
सिख पंथी हो गुरु ग्रन्थ को करो प्रणाम गोविन्द सिंह की रास्ट्र भक्ति शान होनी चाहिए
वतन की आन बान शान पे कोई आंच हो तो दिल में सब से पहले हिन्दुस्तान होना चाहिए 

पंडित के घर जन्मे हो तो पढो विधान वेद और पुराण नहीं पीढ़ी को पढ़ाइए
वैश्य क्षत्रिय बन लिए अवतार हो तो सिक्के खनकायिये तलवार चमकाईए 
पिछरे में जमने तो खुली लाटरी तुमारी हर कुर्सी पे हक अपना जमायिये 
देश देवता की जाती तय करने लगो तो दिल में सब से पहले हिन्दुस्तान होना चाहिए

दवेअष को हटा दे विद्वेष को मिटा दे और प्यार का सुमन खिला दे ऐसी वाणी चाहिये
दुख दर्द को मिटा के प्यार का सुमन खिला दे यारो हमे ऐसी जिंदगानी आब चाहिए
गिरतो को थाम लेना रुकने का नाम ले जो यारो हमे ऐसी  एक रवानी आब चाहिए  
देश को सुबाश वाली पार्टी बनाना हो तो दिल में सब से पहले हिन्दुस्तान होना चाहिए

देश जाती देश धर्म देश ही इमान और देश ही हमारा भगवान् होना चाहिए 
जाती पंथ भाषा में ना उलझे  ये गणतंत्र  ऐसे प्रश्नों का समाधान होना चाहिए
मिटे हैं शहीद कई  तब बचा देश कही इस बात का भी सबको ज्ञान होना चाहिए
मिटाने को उंच नीच वाले ये विवाद यारों दिल में सब से पहले हिन्दुस्तान होना चाहिए

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